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मां की मौत, पिता पहले ही नहीं रहे… दो मासूमों के लिए फरिश्ता बने ये लोग, कहानी जान भावुक हो जाएंगे

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में अनोखी सोच संस्था मिसाल बन रही है. कोरोना काल में जब लोग शवों को छूने से भी डर रहे थे, तब संस्था के सदस्यों ने 52 लोगों का अंतिम संस्कार कराया. आज भी यह संस्था बेसहारा और जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए आगे रहती है. हाल ही में एक महिला की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार कराया गया. देखिए स्पेशल रिपोर्ट…

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