Premlata Goyal: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में 62 वर्षीय प्रेमलता गोयल पिछले 20 वर्षों से “सुरुचि बुक बैंक” के जरिए जरूरतमंद छात्रों की मदद कर रही हैं. वे एलकेजी से लेकर आईएएस तक की पुरानी किताबें मुफ्त देती हैं और सिर्फ 100 रुपये सुरक्षा के रूप में लेती हैं. उनके इस प्रयास से मध्यवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिली है और कई शहरों के लोग भी इसका लाभ उठा चुके हैं.
एलकेजी से IAS तक फ्री किताबें सिर्फ 100 रुपये में, अंबिकापुर की दादी बना रहीं बच्चों का भविष्य
