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पिता मजदूर.. मां की मौत और रह गई सात मासूम बेटियां, इस उम्र में टूट पड़ा दर्द का पहाड़, रुला देगी कहानी

छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के सुदूर वनांचल गांव निजामडीह से आई एक मार्मिक कहानी हर किसी को भीतर तक झकझोर देती है. बैगा आदिवासी बहुल इस छोटे से गांव में रहने वाले अमर सिंह के घर इन दिनों दुख, संघर्ष और जिम्मेदारियों का बोझ एक साथ आ गिरा है, जिसने पूरे परिवार की दुनिया बदल दी है. मां के जाने के बाद सात मासूम बेटियां जिनकी उम्र महज 8 महीने से 12 साल तक है अब अपने पिता की आंखों में ही सहारा ढूंढ रही हैं.

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