Rice Farming Tips: खरीफ सीजन शुरू होते ही किसान धान की बुआई की तैयारी में जुट जाते हैं. अच्छी पैदावार के लिए सही बीज का चयन और बीजोपचार बेहद जरूरी माना जाता है. कृषि विज्ञान केंद्र बालोद की पौध रोग वैज्ञानिक डॉ. भूमेश्वरी साहू ने किसानों के लिए एक आसान और कम खर्च वाला देसी तरीका बताया है. इसके तहत 10 लीटर पानी में 1 किलो 700 ग्राम नमक मिलाकर घोल तैयार किया जाता है. घोल सही है या नहीं, इसकी जांच के लिए आलू या अंडा डालकर देखा जाता है. यदि वह तैरने लगे तो घोल तैयार माना जाता है. इसके बाद धान के बीज डालने पर स्वस्थ बीज नीचे बैठ जाते हैं, जबकि खराब, हल्के बीज ऊपर तैरने लगते हैं. अच्छे बीजों को साफ पानी से धोकर सुखाने के बाद बुआई के लिए इस्तेमाल किया जाता है. उनका कहना है कि यह आसान तरीका फसल को शुरुआती रोगों से बचाने में मदद कर सकता है. ज्यादा जानकारी के लिए वीडियो लास्ट तक देखें..
किसान ध्यान दें! धान की बुआई से पहले अपनाएं ये देसी ट्रिक, फसल नहीं होगी खराब
