बंदूक छोड़कर विकास का रास्ता चुनने वाले एक युवक की कहानी आज छत्तीसगढ़ के बदलते बस्तर की नई तस्वीर पेश कर रही है. सुकमा जिले के पोलमपल्ली गांव के रहने वाले मड़कम भीमा, जो कभी हिंसा और भय के माहौल का हिस्सा थे, आज सरकारी पुनर्वास नीति और जनकल्याणकारी योजनाओं की बदौलत सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं.
बंदूक से बुलडोजर तक… मड़कम भीमा ने बदली अपनी तकदीर, हिंसा छोड़ विकास अपनाया, अब यूं संवर रही जिंदगी
