बिलासपुर जिले के सरकंडा स्थित जबड़ापारा मुक्तिधाम से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक तस्वीर सामने आई है. यहां लावारिस शवों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. शवों को पर्याप्त गहराई में दफनाने के बजाय जल्दबाजी में महज दो फीट या उससे कम गहरे गड्ढों में दफना दिया जाता है. बारिश के दौरान मिट्टी बह जाने से कई कब्रों से मानव अवशेष बाहर आ गए, जिन्हें आवारा कुत्तों द्वारा खींचे जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं.
मौत के बाद भी नहीं मिला सम्मान! 2 फीट गहरी कब्र में दफनाए लावारिस शव, बारिश के बाद बाहर आए अवशेष, कुत्ते नोचते रहे शव
