सरगुजा जिले में सदियों से पारंपरिक वनौषधि चिकित्सा लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रहती है. ऐसे में एक अनोखी कहानी वैध रतन माझी कि है. वे दावा करते हैं कि उन्हें सर्पदंश के इलाज का ज्ञान किसी गुरु या फिर किताबो से नही मिला बल्कि जंगल में मवेशी चराने के दौरान अपनी आंखो देखी अनोखी घटना से मिला.
सरगुजा में मवेशी चरवाहे को नेवले-सांप की लड़ाई से मिला सर्पदंश के इलाज का ज्ञान, वैद्य रतन माझी का अनोखा दावा
