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महिलाओं का कमाल, राखी बनाने में चावल-गेहूं-मक्का और बीजों का इस्तेमाल

Ambikapur News: दीप्ति चौधरी ने लोकल 18 को बताया कि समूह की महिलाएं खाली समय में एक साथ बैठकर राखियां बनाती हैं. रक्षाबंधन में मांग बढ़ने पर महिलाएं ज्यादा समय देकर उत्पादन करती हैं. तैयार राखियों को छोटे-छोटे स्टॉल के माध्यम से बाजार में बेचा जाता है. घर से भी ग्राहकों को राखियां उपलब्ध कराई जाती हैं.

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