Utkarshsanchar

ट्रेन में चूहे कॉकरोच से यात्री परेशान

नई दिल्ली/इंदौर: ट्रेनों में सफाई व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सोमवार को इंदौर-दौंड एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 22944) में यात्रियों ने चूहों और कॉकरोच होने की शिकायत की। यात्रियों का आरोप है कि ट्रेन के अंदर की स्थिति चिंताजनक थी, जिससे रेलवे की सफाई और पेस्ट कंट्रोल व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

मामला तब सामने आया जब एक महिला यात्री, जो अपनी पांच महीने की बच्ची के साथ फर्स्ट एसी कोच में सफर कर रही थीं, ने ट्रेन में चूहों की मौजूदगी की शिकायत की। इसके बाद एक अन्य यात्री ने स्लीपर कोच में कॉकरोच होने की जानकारी रेलवे अधिकारियों को दी।

फर्स्ट एसी कोच में चूहों की शिकायत

जानकारी के अनुसार, इंदौर-दौंड एक्सप्रेस में सफर कर रही महिला यात्री ने बताया कि फर्स्ट एसी जैसे प्रीमियम कोच में भी चूहों की समस्या देखने को मिली।

महिला ने अपनी पांच महीने की बच्ची के साथ यात्रा के दौरान ट्रेन में चूहों को घूमते हुए देखा। उन्होंने इस संबंध में रेलवे अधिकारियों को शिकायत दर्ज कराई।

यात्रियों का कहना है कि फर्स्ट एसी कोच में भी अगर इस तरह की समस्या सामने आ रही है तो अन्य कोचों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

स्लीपर कोच में कॉकरोच की शिकायत

इसी ट्रेन में यात्रा कर रहे एक अन्य यात्री ने स्लीपर कोच में कॉकरोच होने की शिकायत की।

यात्री ने रेलवे अधिकारियों को बताया कि कोच में कॉकरोच घूम रहे थे, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

यात्रियों ने मांग की कि ट्रेन में नियमित सफाई और कीट नियंत्रण की व्यवस्था को और बेहतर किया जाना चाहिए।

रेलवे की सफाई व्यवस्था पर सवाल

ट्रेन में चूहों और कॉकरोच मिलने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। यात्रियों का कहना है कि लंबी दूरी की ट्रेनों में सफाई व्यवस्था और पेस्ट कंट्रोल पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

यात्रियों का कहना है कि ट्रेन में खाना, सामान और यात्रियों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला होने के कारण इस तरह की लापरवाही गंभीर हो सकती है।

प्रीमियम कोच में भी समस्या

फर्स्ट एसी कोच को रेलवे का सबसे सुविधाजनक और बेहतर श्रेणी का कोच माना जाता है। ऐसे में वहां चूहों की मौजूदगी ने यात्रियों को हैरान कर दिया।

यात्रियों का कहना है कि जब महंगे टिकट वाले कोचों में भी ऐसी स्थिति है, तो रेलवे को सफाई व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए।

पेस्ट कंट्रोल व्यवस्था पर उठे सवाल

रेलवे में समय-समय पर कोचों में पेस्ट कंट्रोल और सफाई अभियान चलाए जाते हैं। इसके बावजूद ट्रेनों में चूहों और कॉकरोच की शिकायतें सामने आना व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रेन के अंदर भोजन सामग्री और यात्रियों की आवाजाही के कारण कीटों की समस्या बढ़ सकती है, इसलिए नियमित निगरानी जरूरी है।

यात्रियों ने मांगी कार्रवाई

शिकायत करने वाले यात्रियों ने रेलवे से इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यात्रियों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में सफर करने का अधिकार है।

उन्होंने रेलवे से अपील की है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सफाई कर्मचारियों की निगरानी और पेस्ट कंट्रोल प्रक्रिया को मजबूत किया जाए।

रेलवे की जिम्मेदारी बढ़ी

भारतीय रेलवे देश में रोजाना लाखों यात्रियों को सफर की सुविधा देता है। ऐसे में ट्रेनों की साफ-सफाई और यात्रियों की सुविधा बनाए रखना रेलवे की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

चूहों और कॉकरोच जैसी समस्याएं न केवल असुविधा पैदा करती हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी चिंता का विषय बन सकती हैं।

जांच और सुधार की जरूरत

इंदौर-दौंड एक्सप्रेस में सामने आई इस शिकायत के बाद अब रेलवे को व्यवस्था की समीक्षा करनी होगी।

यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए कोचों की नियमित जांच, सफाई और पेस्ट कंट्रोल को प्रभावी बनाना जरूरी है।

फिलहाल इस मामले में यात्रियों की शिकायत के बाद रेलवे की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर बनी हुई है। यह घटना एक बार फिर ट्रेनों में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

Exit mobile version