दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के इलाहाबाद उप-जोनल कार्यालय ने टोल प्लाजा घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई की है। मनी लॉन्ड्रिंग की चल रही जांच के तहत जांच एजेंसी ने 2 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और दिल्ली-एनसीआर में कुल 14 परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया।
प्रवर्तन निदेशालय ने यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत की। एजेंसी के अनुसार, विभिन्न स्थानों पर की गई तलाशी टोल प्लाजा घोटाले से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच का हिस्सा है।
तलाशी अभियान के दौरान जांच अधिकारियों ने संबंधित परिसरों में विभिन्न दस्तावेजों और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की। ईडी की जांच का उद्देश्य कथित घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन, धन के स्रोत और उससे जुड़े लोगों एवं संस्थाओं की भूमिका का पता लगाना है।
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश से लेकर राजस्थान, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और दिल्ली-एनसीआर तक कई स्थानों पर एक साथ की गई। छह राज्यों और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में व्यापक स्तर पर हुई इस कार्रवाई को मामले की जांच में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हालांकि, तलाशी के दौरान क्या-क्या दस्तावेज या अन्य सामग्री बरामद हुई, इसे लेकर प्रवर्तन निदेशालय की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इसी तरह, इस कार्रवाई में किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक सूचना भी फिलहाल उपलब्ध नहीं है। ईडी की जांच आगे बढ़ने के साथ टोल प्लाजा घोटाले से जुड़े कथित धन के लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग के नेटवर्क की परतें खुलने की उम्मीद है। एजेंसी मामले में आगे की कार्रवाई जारी रखे हुए है।
