Utkarshsanchar

शेख हसीना पर बांग्लादेशी पीएम का बयान सुर्खियों में सोना हुआ महंगा

बांग्लादेश : दिनभर की हलचल के बाद शाम तक कई बड़ी खबरें सामने आईं। राजनीति, अर्थव्यवस्था, धर्म और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी खबरों ने सुर्खियां बटोरीं। बांग्लादेश में शेख हसीना को लेकर बड़ा बयान सामने आया, वहीं भारत में जन्माष्टमी से पहले सोने के दामों में तेजी देखने को मिली। इसके अलावा देश-दुनिया की कई महत्वपूर्ण घटनाओं ने लोगों का ध्यान खींचा।

जन्माष्टमी पर बांग्लादेश में शेख हसीना को लेकर विवादित बयान

बांग्लादेश की राजनीति में एक बार फिर शेख हसीना को लेकर विवाद तेज हो गया है। जन्माष्टमी के मौके पर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से जुड़े नेताओं की ओर से शेख हसीना की तुलना कंस से किए जाने की खबर सामने आई, जिसके बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया।

शेख हसीना लंबे समय तक बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहीं और उनके शासन को लेकर देश में समर्थन और विरोध दोनों देखने को मिलता रहा है। उनके समर्थक जहां उन्हें विकास और स्थिरता का चेहरा बताते हैं, वहीं विरोधी उन पर कई आरोप लगाते रहे हैं।

धार्मिक अवसर पर इस तरह की राजनीतिक टिप्पणी ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। कई लोगों ने इसे राजनीतिक बयानबाजी बताया, जबकि कुछ ने इसे बांग्लादेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति से जोड़कर देखा।

भारत में सोना हुआ महंगा

जन्माष्टमी से पहले भारत में सोने की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली। त्योहारों के सीजन में सोने की मांग बढ़ने के कारण बाजार में हलचल तेज हो गई है। सोना भारतीय परिवारों में निवेश के साथ-साथ शुभ अवसरों से भी जुड़ा हुआ है। जन्माष्टमी के बाद आने वाले त्योहारों और शादी के सीजन को देखते हुए बाजार में खरीदारी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में बदलाव, डॉलर की स्थिति और निवेशकों की रुचि का असर घरेलू सोने के भाव पर भी पड़ता है।

USS मिसौरी के 23 मिनट फिर चर्चा में

इतिहास के पन्नों में दर्ज 2 सितंबर 1945 का दिन एक बार फिर चर्चा में रहा। इसी दिन अमेरिकी युद्धपोत USS मिसौरी पर जापान ने आत्मसमर्पण के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए थे। महज 23 मिनट चले इस समारोह ने द्वितीय विश्व युद्ध के आधिकारिक अंत पर मुहर लगा दी थी। इस घटना ने दुनिया की राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों की दिशा बदल दी थी।

सुप्रीम कोर्ट में इस्तीफा देने वाले संवैधानिक पदों पर सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई है, जिसमें मांग की गई है कि कार्रवाई से बचने के लिए इस्तीफा देने वाले संवैधानिक पदों पर बैठे अधिकारियों को कुछ लाभ नहीं मिलना चाहिए। याचिका में तर्क दिया गया है कि अगर कोई अधिकारी जांच या कार्रवाई के बीच पद छोड़ देता है तो उसे पद से जुड़े लाभों पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।

घरेलू हिंसा मामले में केस दर्ज

उत्तराखंड के सहसपुर क्षेत्र में एक महिला ने अपने ससुराल पक्ष के लोगों पर मारपीट और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

रेलवे यात्रियों के लिए राहत

यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने कुछ रूटों पर स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला लिया है। इससे त्योहारों के दौरान यात्रा करने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

Exit mobile version