रायपुर। छत्तीसगढ़ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व को पूरे उत्साह और श्रद्धाभाव के साथ मनाया जा रहा है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेशभर के मंदिरों में विशेष सजावट, पूजा-अर्चना, अभिषेक, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
इस्कॉन मंदिर के पास श्रद्धालुओं की भारी भीड़, लगा जाम
रायपुर में जन्माष्टमी के अवसर पर इस्कॉन मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण टाटीबंध के सर्विस रोड पर करीब 1 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इस्कॉन मंदिर की ओर जाने वाले और दुर्ग की तरफ जाने वाले वाहन चालक लंबे समय तक जाम में फंसे रहे। यातायात व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस और यातायात विभाग की टीम मौके पर सक्रिय रही।
शहर के विभिन्न मंदिरों को रंग-बिरंगी लाइटों, फूलों और आकर्षक सजावट से सजाया गया है। मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की झांकियां सजाई गई हैं। श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पूजा-अर्चना की और भगवान से सुख-समृद्धि की कामना की। रायपुर के पुरानी बस्ती स्थित श्री जैतुसाव मठ में जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। यहां ठाकुरजी का स्वर्ण श्रृंगार किया जाएगा। शाम 4 बजे से भजन संध्या का आयोजन किया गया। रात 12 बजे मंत्रोच्चार के साथ भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की आरती होगी।
जैतुसाव मठ में 11 क्विंटल मालपुआ और पंजीरी का भोग
जैतुसाव मठ में भगवान को विशेष भोग लगाया जाएगा। इस अवसर पर 11 क्विंटल मालपुआ और 1 क्विंटल पंजीरी का भोग तैयार किया गया है। इसके बाद 5 सितंबर की शाम 5 बजे से श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण किया जाएगा। दूधाधारी मठ और उससे जुड़े अन्य मठ-मंदिरों में भी जन्माष्टमी का पर्व विशेष रूप से मनाया जा रहा है। यहां सुबह से ही भजन-कीर्तन शुरू हो गए। रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की आरती होगी। आयोजन का समापन 7 सितंबर को एकादशी के दिन किया जाएगा।
सदूधाधारी मठ और समता कॉलोनी में गूंजे जयकारे
मता कॉलोनी स्थित राधाकृष्ण मंदिर में भी जन्माष्टमी पर विशेष आयोजन किया गया। यहां सुबह भगवान श्रीकृष्ण का 101 लीटर दूध से अभिषेक किया गया। मंदिर और भगवान की प्रतिमा का विशेष श्रृंगार कोलकाता से आए कारीगरों ने किया है। राधाकृष्ण मंदिर में सुबह 9 बजे से श्रद्धालुओं के लिए झांकी दर्शन शुरू हो गए। शाम को भजन और भक्तिमय कार्यक्रम आयोजित किए गए। मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद महाआरती का आयोजन किया जाएगा।
प्रदेश के अन्य जिलों में जन्माष्टमी का उत्साह
प्रदेश के अन्य जिलों में भी जन्माष्टमी की धूम देखने को मिली। राजनांदगांव में महापौर मधुसूदन यादव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर अखाड़े में आयोजित पारंपरिक खेलों में शामिल हुए। वहीं रायगढ़ में 20 से अधिक आकर्षक झांकियां तैयार की गई हैं। जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था के भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर पूरे प्रदेश में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। मंदिरों में जयकारों और भजनों की गूंज के बीच श्रद्धालु कान्हा के दर्शन कर रहे हैं।
