नई दिल्ली : नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर विदेश मंत्रालय (MEA) ने बड़ा अपडेट जारी किया है। मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में अब भी 275 भारतीय नागरिक लापता हैं, जबकि 166 भारतीयों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। भारत सरकार नेपाल प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है और लापता भारतीयों की तलाश व राहत अभियान पर नजर बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों की जानकारी जुटाने और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय दूतावास और स्थानीय एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्यों में लगातार समन्वय कर रही हैं।
नेपाल में तबाही के बाद बढ़ी चिंता
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। तेज बहाव, भूस्खलन और मलबे के कारण सड़कें, पुल और कई महत्वपूर्ण रास्ते प्रभावित हुए हैं। इसके चलते कई लोग अलग-अलग इलाकों में फंस गए और कई परिवारों का अपने रिश्तेदारों से संपर्क टूट गया। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव टीमें लगातार काम कर रही हैं। हालांकि पहाड़ी इलाकों में खराब मौसम और मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों के कारण अभियान में कई चुनौतियां सामने आ रही हैं।
166 भारतीयों का हुआ रेस्क्यू
विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक नेपाल में फंसे 166 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। बचाए गए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। भारत सरकार नेपाल सरकार के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि फंसे हुए भारतीयों तक मदद पहुंच सके और लापता लोगों की जानकारी जल्द से जल्द मिल सके।
चीन के क्षेत्र में कोई भारतीय फंसा नहीं
MEA ने यह भी स्पष्ट किया है कि चीन के क्षेत्र में किसी भी भारतीय नागरिक के फंसे होने की जानकारी नहीं है। मंत्रालय के अनुसार, चीन की तरफ से नेपाल की ओर आने वाले भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक चीन की ओर से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं।
भारत ने नेपाल के लिए भेजी राहत सामग्री
भारत ने नेपाल में राहत और बचाव अभियान के लिए मदद का हाथ बढ़ाया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत की ओर से नेपाल को राहत सामग्री और बचाव दल भेजे गए हैं।
भारत ने मानवीय सहायता के तहत बड़ी मात्रा में जरूरी सामान भेजा है, ताकि प्रभावित लोगों को भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
परिवारों में बढ़ी बेचैनी
नेपाल में लापता भारतीय नागरिकों के परिवारों की चिंता लगातार बढ़ रही है। कई परिवार अपने परिजनों की जानकारी के लिए सरकार और दूतावास से संपर्क कर रहे हैं। लापता लोगों में कुछ ऐसे भी हैं जो यात्रा, तीर्थ या काम के सिलसिले में नेपाल गए थे। परिजन अब उनके सुरक्षित लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
राहत अभियान में जुटी भारतीय एजेंसियां
भारत सरकार की ओर से नेपाल स्थित भारतीय दूतावास और अन्य एजेंसियों को सक्रिय किया गया है। अधिकारी स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी जुटा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिकों को निकालने और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं।
प्राकृतिक आपदा बनी बड़ी चुनौती
नेपाल में आई यह आपदा सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि वहां मौजूद विदेशी नागरिकों के लिए भी बड़ी चुनौती बन गई है। भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था प्रभावित हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे पहाड़ी इलाकों में राहत कार्य तेजी से करना बेहद कठिन होता है क्योंकि रास्ते टूट जाते हैं और मौसम लगातार बाधा डालता है।
भारत-नेपाल के बीच जारी समन्वय
भारत और नेपाल के बीच राहत और बचाव कार्यों को लेकर लगातार बातचीत जारी है। दोनों देशों की एजेंसियां प्रभावित लोगों की मदद के लिए मिलकर काम कर रही हैं। नेपाल भारत का पड़ोसी देश होने के साथ-साथ सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से भी गहरे संबंध रखता है। ऐसे संकट के समय दोनों देशों के बीच सहयोग महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
