Tamatar Ki Kheti: सरगुजा के ग्राम सुपलगा के रहने वाले 29 वर्षीय रविंद्र कुमार रजवाड़ा ने पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद नौकरी न मिलने पर खेती को रोजगार बनाया. उन्होंने एक एकड़ में ड्रिप और मल्चिंग तकनीक से टमाटर की फसल लगाई है, जिसमें अब तक 50 हजार रुपये से अधिक की लागत आ चुकी है.
नौकरी का इंतजार छोड़ा, मिट्टी से जोड़ा नाता; पोस्ट ग्रेजुएट युवक रविंद्र कुमार रजवाड़ा बना टमाटर किसान
