Homemade Brahmastra: युवा किसान लक्ष्मीकांत प्रधान जैविक खेती में कम लागत वाले ‘ब्रह्मास्त्र’ का इस्तेमाल करते हैं. बेल, नीम, करंज, सीताफल, अरंडी व आक जैसी 5-10 पत्तियों को 10 लीटर गौमूत्र में उबालकर इसे तैयार किया जाता है. किसान के अनुसार, प्रिवेंटिव उपयोग से तना छेदक, माहू, माइट्स और कुछ रोगों से बचाव में मदद मिलती है. प्रति एकड़ 1-1.5 लीटर उपयोग किया जाता है.
केमिकल दवाओं का सस्ता ऑप्शन! गौमूत्र में पत्तियां उबालकर तैयार करें ब्रह्मास्त्र, जानें सही मात्रा
