बस्तर दशहरे में काछनगादी पूजा विधान की रस्म पूरी की गई है, जिसमें कुंवारी कन्या पीहू दास ने बेल के कांटों से बने झूले पर लेटकर परंपरा निभाई। इस रस्म के बाद बस्तर राजपरिवार ने दशहरा मनाने की अनुमति मांगी।
बस्तर दशहरे में निभाई गई काछनगादी पूजा की रस्म, कुंवारी कन्या ने झूले पर पूरी की परंपरा
