नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर को राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के 42वें स्थापना दिवस पर बल के जवानों को बधाई देते हुए उनके साहस, समर्पण और देश की सुरक्षा में निभाई जा रही महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ एनएसजी जवानों की सतर्कता और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता देशवासियों के मन में गहरा विश्वास और गर्व पैदा करती है। उन्होंने राष्ट्रीय संपत्तियों की रक्षा के लिए जवानों की तत्परता को भी महत्वपूर्ण बताया।प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी संदेश में कहा कि एनएसजी के जवान साहस, सटीकता और कर्तव्य के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के प्रतीक हैं। उन्होंने देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने में इस विशेष बल के योगदान की सराहना करते हुए सभी जवानों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं।
पीएम मोदी ने एनएसजी जवानों के साहस को किया नमन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा, “नेशनल सिक्योरिटी गार्ड के जवानों को उनके स्थापना दिवस पर बधाई। वे साहस, सटीकता और कर्तव्य के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की मिसाल हैं।”उन्होंने आगे कहा कि आतंकवाद के खिलाफ जवानों की सतर्कता और देश के लोगों तथा महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्तियों की सुरक्षा के लिए उनकी तत्परता नागरिकों में विश्वास और गर्व की भावना पैदा करती है।प्रधानमंत्री के इस संदेश में एनएसजी की पेशेवर क्षमता, अनुशासन और राष्ट्रीय सुरक्षा में उसकी भूमिका को विशेष महत्व दिया गया।
आतंकवाद के खिलाफ विशेष भूमिका निभाता है NSG
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड भारत का प्रमुख विशेष आतंकवाद निरोधी बल है। इसे गंभीर आतंकवादी खतरों और असाधारण सुरक्षा परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।एनएसजी गृह मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है। इसका उद्देश्य आतंकवादी हमलों जैसी गंभीर परिस्थितियों में तेजी और प्रभावी तरीके से कार्रवाई करना है।यह बल विशेष प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरणों और सटीक संचालन क्षमता के लिए जाना जाता है। एनएसजी का आदर्श वाक्य ‘सर्वत्र सर्वोत्तम सुरक्षा’ है, जो हर परिस्थिति में उच्चतम स्तर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उसके संकल्प को दर्शाता है।
1984 में हुई थी एनएसजी की शुरुआत
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के गठन की प्रक्रिया वर्ष 1984 में शुरू हुई थी। उस समय केंद्र सरकार ने आतंकवाद से उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए एक विशेष बल तैयार करने का निर्णय लिया था।इसके बाद उच्च प्रशिक्षित जवानों और आधुनिक उपकरणों से लैस विशेष संगठन की स्थापना की दिशा में कदम उठाए गए।एनएसजी से संबंधित कानून को सितंबर 1986 में राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली। हालांकि, बल अपना स्थापना दिवस हर वर्ष 16 अक्टूबर को मनाता है।वर्ष 2026 में एनएसजी अपना 42वां स्थापना दिवस मना रहा है।
ब्लैक कैट कमांडो के नाम से भी मशहूर
एनएसजी के जवानों को आमतौर पर ‘ब्लैक कैट कमांडो’ कहा जाता है। यह बल अपनी विशेष प्रशिक्षण प्रणाली, अनुशासन और कठिन परिस्थितियों में कार्रवाई करने की क्षमता के लिए प्रसिद्ध है।एनएसजी में भारतीय सेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राज्य पुलिस संगठनों से चयनित अधिकारी और जवान शामिल होते हैं।इन जवानों को आतंकवाद निरोधी अभियान, बंधक संकट और अन्य विशेष सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।बल का उद्देश्य कम से कम समय में प्रभावी कार्रवाई करते हुए सुरक्षा संबंधी खतरों को नियंत्रित करना है।
मुंबई आतंकी हमले में निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका
देश में हुए कई बड़े आतंकवादी हमलों के दौरान एनएसजी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।नवंबर 2008 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों के दौरान एनएसजी कमांडो को विशेष अभियान के लिए तैनात किया गया था।इस अभियान में जवानों ने आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।मुंबई हमलों के दौरान ताज होटल में चलाया गया एनएसजी का अभियान बल के प्रमुख अभियानों में शामिल है।
देश की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक
प्रधानमंत्री मोदी का स्थापना दिवस संदेश देश की सुरक्षा में एनएसजी जवानों के योगदान को सम्मान देने पर केंद्रित रहा।एनएसजी की भूमिका केवल आतंकवादी खतरों का सामना करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विशेष परिस्थितियों में नागरिकों और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी इसकी जिम्मेदारियों में शामिल है।बल के जवान कठिन प्रशिक्षण और निरंतर तैयारियों के माध्यम से आपात परिस्थितियों का सामना करने के लिए तत्पर रहते हैं।42वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री ने जवानों के इसी साहस, सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। उन्होंने कहा कि एनएसजी की प्रतिबद्धता देशवासियों में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत करती है।
