छतीशगढ के सरगुजा ज़िले के कतकालो के रहने वाले चमरू माझी जिनकी उम्र तकरीबन 70 साल है लेकिन हाथों का हुनर बेमिसाल है, दरसल चमरू अपने हुनर और मेहनत का जादू ढलती उम्र में भी दिखा रहे हैं, और मुर्गी पालन के लिए गरना तैयार कर रहे हैं. इसके अलावा पुटी जिसमे मछलियां या फिर गांव में मिलने वाला पारंपरिक सब्जी को रखा जाता हैं.
70 साल की उम्र में भी हुनर बरकरार, सरगुजा के चमरू मांझी 50 साल से बना रहे बांस के सामान
