आदिवासी महिला किरण एक्का ने लोकल 18 को बताया कि कर्मा गीतों के माध्यम से वे मैना पक्षी के जीवन को दर्शा रही थीं, गीत में मैना के जन्मस्थान, उसके रहने के ठिकाने और उसके भोजन का वर्णन किया जाता है.उन्होंने बताया कि मैना पेड़-पौधों के खोखलों में रहती है और फसल के दाने खाती है.इसी तरह गीतों में पक्षियों के जीवन को पारंपरिक और रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया जाता है. किरण एक्का के मुताबिक, ये गीत कर्मा त्योहार के दौरान गाए जाते हैं.
सरगुजा में आज भी गूंजते हैं पुरखों के कर्मा गीत, मैना की कहानी सुनाकर संस्कृति बचा रहीं आदिवासी महिलाएं
