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बर्लिन में भारतीय शोधकर्ताओं और छात्रों से मिले पीयूष गोयल

बर्लिन: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जर्मनी के बर्लिन में भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी शोधकर्ताओं तथा छात्रों के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने विदेशों में भारतीय प्रतिभाओं के लिए समर्थन को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की और उन्हें ‘विकसित भारत’ की दिशा में देश की यात्रा में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।

‘X’ (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट में इस बातचीत के बारे में जानकारी देते हुए, गोयल ने बताया कि उन्होंने विदेशों में शोध और शैक्षणिक अवसरों से जुड़े भारतीयों के लिए ‘सपोर्ट इकोसिस्टम’ (समर्थन तंत्र) को मजबूत करने के संबंध में प्रतिभागियों के विचार सुने। उन्होंने उन्हें यह भी भरोसा दिलाया कि नवाचार (इनोवेशन) और स्टार्टअप के क्षेत्र में उनके काम को अधिक पहचान दिलाने के लिए सरकार पूरा सहयोग देगी।

गोयल ने लिखा, “बर्लिन में भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी शोधकर्ताओं तथा छात्रों के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई।” उन्होंने शोधकर्ताओं और छात्रों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ‘विकसित भारत’ के विजन (लक्ष्य) के लिए योगदान देना जारी रखें। मंत्री ने उन्हें यह भी आश्वासन दिया कि उनके नवाचारों और स्टार्टअप पहलों को महत्वपूर्ण व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों में एक मंच दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने कहा, “मैंने उन्हें पूरा समर्थन देने का भरोसा दिलाया है, ताकि नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में उनके प्रयासों को महत्वपूर्ण व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों में एक मंच मिल सके और ‘इंडिया स्टोरी’ (भारत की प्रगति की कहानी) को मजबूती से पेश किया जा सके।” इस बातचीत में विदेशों में रह रहे भारतीय शोधकर्ताओं, छात्रों और नवप्रवर्तकों (इनोवेटर्स) को ऐसे अवसरों से जोड़ने के महत्व पर जोर दिया गया, जिससे वे अपने काम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा दे सकें और भारत के बढ़ते नवाचार इकोसिस्टम में योगदान दे सकें।

इससे पहले, गोयल ने बर्लिन में जर्मनी के संघीय चांसलर के आर्थिक और वित्तीय नीति सलाहकार तथा G7 और G20 के लिए जर्मनी के शेरपा, लेविन होले के साथ बैठक की। ‘X’ पर एक अन्य पोस्ट में, मंत्री ने बताया कि चर्चा मुख्य रूप से भारत-जर्मनी आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने और साझा वैश्विक आर्थिक प्राथमिकताओं तथा बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग का विस्तार करने पर केंद्रित रही। गोयल ने बताया कि शुक्रवार को भारत और जर्मनी के बीच औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने के अवसरों पर चर्चा हुई। साथ ही, प्रस्तावित ‘भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते’ (FTA) के जरिए द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ाने की संभावनाओं पर भी बात की गई।

मंत्री ने बर्लिन में कई उच्च-स्तरीय बैठकें कीं, जिनका उद्देश्य व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और उद्योग के क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाना था। ये चर्चाएं भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के चल रहे प्रयासों का हिस्सा हैं। उनके कार्यक्रमों में जर्मनी की आर्थिक मामलों और ऊर्जा मंत्री कैथरीना रीचे के साथ द्विपक्षीय बैठक, जर्मन काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस (DGAP) में ‘इंडिया सेंटर’ का उद्घाटन, भारत-जर्मनी बिजनेस राउंडटेबल और ‘बर्लिन ग्लोबल डायलॉग’ में हिस्सा लेना शामिल था। गोयल और जर्मनी की मंत्री रीचे ने बर्लिन में DGAP के ‘इंडिया सेंटर’ का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। इस पहल का उद्देश्य भारत-जर्मनी संबंधों पर नीतिगत शोध और बातचीत को बढ़ावा देना है।

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