घर-घर बेचती थीं बड़ी और अचार…अब रेलवे स्टेशन पर चमकी किस्मत, बदल गई 12 महिलाओं की जिंदगी
Balod News: दामिन नेताम ने लोकल 18 को बताया कि इस सफर की शुरुआत करीब पांच साल पहले हुई थी. शुरुआती दिनों में मां चंडी स्व सहायता समूह की महिलाएं घर-घर जाकर बड़ी, अचार और मसाले बेचती थीं. इसके बाद उन्होंने गांवों में लगने वाले साप्ताहिक बाजारों (हाट बाजार) में अपने उत्पादों की बिक्री शुरू की.
