छत्तीसगढ़

न लोहा, न पीतल… सरगुजा में बकरियों के गले में बजती है लकड़ी की घंटी, पूर्वजों की परंपरा आज भी जिंदा

Surguja News: सरगुजा के बंदना में बुजुर्ग सोभनाथ बकरियों के गले में पिपरेल की लकड़ी से बना घंटा बांधते हैं. जंगल में बकरियां गुम होने पर इसकी आवाज से उन्हें ढूंढना आसान होता है. पूर्वजों से सीखी यह परंपरा आज भी जिंदा है.