जाति प्रमाण पत्र दिखाने का झंझट खत्म, नागरिक जो बताएंगे वो होगा दर्ज, 2027 में बदलेगी सामाजिक संरचना की तस्वीर
छत्तीसगढ़ में फरवरी 2027 से जनगणना का दूसरा चरण शुरू होने जा रहा है. इसमें पहली बार जाति के साथ माता-पिता की जन्म तिथि और जन्मस्थान की जानकारी ली जाएगी, जिसके लिए किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी.
