बलौदाबाजार में बिना लाइसेंस चल रही गोपाला डेयरी पर पड़ा छापा: संचालन तत्काल प्रभाव से बंद, पनीर और दही के सैंपल लैब भेजे
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी प्रतिषेध आदेश के पालन में बलौदाबाजार जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने डेयरी उत्पादों की जांच के लिए सघन निरीक्षण अभियान शुरू किया है। इसी अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने बलौदाबाजार स्थित गोपाला डेयरी का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। खाद्य कारोबार से जुड़े आवश्यक वैधानिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर विभाग ने डेयरी का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया।
बिना लाइसेंस संचालित हो रही थी डेयरी
खाद्य सुरक्षा टीम ने गोपाला डेयरी में पहुंचकर खाद्य कारोबार से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। निरीक्षण के दौरान जब संचालक से वैध खाद्य लाइसेंस अथवा पंजीयन प्रस्तुत करने को कहा गया, तो मौके पर कोई भी वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया। विभाग ने इसे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 का गंभीर उल्लंघन माना। इसके बाद खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने तत्काल प्रकरण तैयार करते हुए डेयरी के संचालन पर रोक लगाने की कार्रवाई की।
पनीर और दही के नमूने लिए गए
निरीक्षण के दौरान डेयरी में उपलब्ध पनीर और दही की गुणवत्ता को लेकर भी खाद्य सुरक्षा टीम को संदेह हुआ। इन उत्पादों के डेयरी एनालॉग होने की आशंका को देखते हुए टीम ने मौके से पनीर और दही के वैधानिक नमूने लिए। दोनों खाद्य पदार्थों के नमूनों को नियमानुसार जब्त कर विस्तृत रासायनिक विश्लेषण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। अब प्रयोगशाला से मिलने वाली जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
रिपोर्ट आने के बाद होगी दंडात्मक कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक जब्त किए गए नमूनों की जांच प्रयोगशाला में की जाएगी। यदि जांच रिपोर्ट में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती है या डेयरी एनालॉग से संबंधित अनियमितता की पुष्टि होती है, तो संबंधित प्रावधानों के तहत आगे की दंडात्मक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य कारोबार में निर्धारित मानकों और नियमों का पालन करना अनिवार्य है। बिना वैध खाद्य लाइसेंस या पंजीयन के खाद्य सामग्री का कारोबार करना नियमों का उल्लंघन है।
लाइसेंस बनने तक कारोबार बंद रखने के निर्देश
खाद्य सुरक्षा विभाग ने गोपाला डेयरी के संचालक को लिखित निर्देश जारी किए हैं। निर्देश में कहा गया है कि जब तक फर्म द्वारा वैध खाद्य पंजीयन अथवा लाइसेंस प्राप्त नहीं कर लिया जाता, तब तक खाद्य कारोबार तत्काल प्रभाव से बंद रखा जाए। विभाग की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय खाद्य कारोबारियों में भी हड़कंप की स्थिति है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की लगातार जांच की जा रही है।
डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता पर विभाग की नजर
कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर जिले में डेयरी उत्पादों की जांच को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को मानक के अनुरूप सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। अधिकारियों का कहना है कि खाद्य पदार्थों के कारोबार में नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। विशेष रूप से बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार करने और संदिग्ध गुणवत्ता वाले उत्पादों की बिक्री के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। गोपाला डेयरी से लिए गए पनीर और दही के नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद मामले में अगली कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल वैध खाद्य पंजीयन या लाइसेंस प्राप्त होने तक डेयरी का संचालन बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
