मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने विद्यार्थियों को किया साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक
साइबर जागृति अभियान के तहत इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों से किया संवाद
रायपुर, 11 सितंबर 2026: महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज खैरागढ़ स्थित इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा संचालित ‘साइबर जागृति अभियान’ के अंतर्गत आयोजित साइबर जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन ठगी के बदलते तरीकों तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक किया।
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने विद्यार्थियों को किया साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि आज के डिजिटल युग में सजगता और सतर्कता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे मजबूत माध्यम है। डिजिटल तकनीक ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराधों के नए स्वरूप भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय सावधानी बरतना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक करें।
उन्होंने कहा कि साइबर ठगी से बचने के लिए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए, अज्ञात व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड, बैंकिंग अथवा अन्य निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए तथा संदिग्ध कॉल और संदेशों के प्रति सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का जिम्मेदारी एवं सुरक्षित तरीके से उपयोग करने के लिए भी प्रेरित किया।
कार्यक्रम में साइबर अपराधों के बदलते स्वरूप, ऑनलाइन फ्रॉड के विभिन्न तरीकों, डिजिटल लेन-देन में बरती जाने वाली सावधानियों तथा सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार के संबंध में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े विषयों पर संवाद करते हुए अपनी जिज्ञासाएं भी साझा कीं।
इस अवसर पर राजनांदगांव रेंज आईजी श्री अजय यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रियंका ताम्रकार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री विक्रांत सिंह, इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. लवली शर्मा सहित जिला प्रशासन के अधिकारीगण, विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
