छत्तीसगढ़

मछुआरिन बिलासा के नाम पर बसा बिलासपुर, अरपा किनारे की छोटी बस्ती कैसे बनी छत्तीसगढ़ की न्यायधानी? जानिए पूरा इतिहास

Bilaspur History: छत्तीसगढ़ के जिस बिलासपुर को आज हम हाईकोर्ट, रेलवे जोन, बड़े बाजारों और तेजी से फैलते शहर के रूप में जानते हैं, उसकी शुरुआत कभी अरपा नदी के किनारे बसी एक छोटी सी बस्ती से हुई थी. लोकमान्यता के अनुसार, बिलासा नाम की मछुआरिन के नाम से इस बस्ती की पहचान बिलासपुर के रूप में बनी. रतनपुर के कलचुरी काल से लेकर मराठा और भोंसला शासन, अंग्रेजों के दौर में रेलवे के आगमन और फिर न्यायधानी बनने तक बिलासपुर ने कई ऐतिहासिक पड़ाव देखे हैं. जूना बिलासपुर, किलावार्ड, पचरीघाट, हटरी चौक और पुराने पारा-मोहल्ले आज भी उस दौर की कहानी अपने भीतर समेटे हुए हैं. कभी अलग-अलग काम और समुदाय के आधार पर बसी छोटी-छोटी बस्तियां धीरे-धीरे बाजारों और मोहल्लों में बदलीं. रेलवे के आने के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग यहां पहुंचे और यहीं बसते गए.