जंगल से तोड़कर लाते हैं शारू, सुखाकर बनाते हैं सुकटी, टमाटर और चावल के पसिया से बढ़ जाता है स्वाद
Sarguja Sharu Sukti: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में आदिवासी समाज के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं, जहां जंगल सिर्फ रोजी-रोटी का साधन नहीं बल्कि पारंपरिक खानपान संस्कृति का भी अहम हिस्सा है. यहां के ग्रामीण जंगल से शारू सुकटी तोड़कर लाते हैं, जिसे सुखाकर सुरक्षित रखते हैं और जरूरत के मुताबिक सब्जी बनाकर खाते हैं. शारू सुकटी का स्वाद टमाटर और चावल का पसिया और बढ़ा देता है, जिसे ग्रामीण बड़े चाव के साथ खाते हैं. यह पारंपरिक व्यंजन पीढ़ियों से चला आ रहा है और आसपास के ग्रामीण भी इसे पहचानते हैं.
