दुर्ग में मिठाई-पनीर फैक्ट्रियों पर छापा, गंदगी देख अधिकारी हैरान
. दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में दीपावली त्योहार की तैयारियों के बीच खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रायपुर से पहुंची खाद्य एवं औषधि सुरक्षा विभाग की टीम ने भिलाई और दुर्ग की पनीर एवं मिठाई बनाने वाली फैक्ट्रियों में छापेमारी की। जांच के दौरान कहीं एक्सपायरी दूध मिला तो कहीं गंदगी और अस्वच्छ वातावरण में पनीर तथा मिठाइयां तैयार की जा रही थीं। फैक्ट्रियों में खुले डस्टबिन, मकड़ी के जाले और साफ-सफाई की कमी देखकर अधिकारियों ने नाराजगी जताई। टीम ने खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे और संदिग्ध सामग्री को नष्ट कराने के निर्देश दिए।
मां दुर्गा डेयरी में मिला एक्सपायरी दूध
जानकारी के अनुसार, खाद्य एवं औषधि सुरक्षा विभाग के छत्तीसगढ़ कमिश्नर दीपक अग्रवाल के नेतृत्व में टीम सबसे पहले भिलाई के छावनी क्षेत्र स्थित मां दुर्गा डेयरी पहुंची। जांच के दौरान फैक्ट्री परिसर में एक्सपायरी दूध मिलने की जानकारी सामने आई। इसके अलावा पनीर तैयार करने वाले स्थान पर साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई। अधिकारियों ने दूध और पनीर के सैंपल लिए तथा तैयार पनीर सहित संदिग्ध खाद्य सामग्री को नष्ट कराने के निर्देश दिए।
लाइसेंस और पाम ऑयल के उपयोग पर सवाल
जांच के दौरान डेयरी संचालक की ओर से दो लाइसेंस प्रस्तुत किए गए, लेकिन अधिकारियों के अनुसार लाइसेंस संबंधी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं थी। वहीं खाद्य सामग्री तैयार करने में पाम ऑयल के इस्तेमाल की बात भी सामने आई। हालांकि, किसी खाद्य उत्पाद में पाम ऑयल का उपयोग अपने आप में मिलावट का प्रमाण नहीं है। इसकी वैधता उत्पाद की श्रेणी, निर्धारित मानकों और लेबलिंग पर निर्भर करती है। डेयरी संचालक जगमोहन यादव ने बताया कि उनकी फैक्ट्री में दूध, दही और पनीर तैयार किया जाता है। उन्होंने एनालॉग पनीर बनाने से इनकार किया। साथ ही एक्सपायरी दूध और सफाई व्यवस्था को लेकर विभागीय निर्देशों का पालन करने की बात कही।
मुस्कान फूड फैक्ट्री में भी मिली गंदगी
मां दुर्गा डेयरी के बाद टीम बैकुंठ धाम स्थित मुस्कान फूड फैक्ट्री पहुंची। यहां दीपावली के मद्देनजर बड़ी मात्रा में सोनपापड़ी, मैसूर पाक और पेड़ा तैयार किया गया था। जांच के दौरान फैक्ट्री में साफ-सफाई संबंधी गंभीर खामियां मिलने की बात सामने आई। विभागीय अधिकारियों ने मौके से खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए। टीम ने संदिग्ध मिठाइयों को नष्ट कराने के निर्देश दिए। बताया गया कि तैयार मिठाइयों को त्योहार के दौरान बाजार की विभिन्न दुकानों तक पहुंचाया जाना था।
गुप्ता जी लड्डू फैक्ट्री में डेढ़ क्विंटल लड्डू
इसके बाद खाद्य विभाग की टीम ने गुप्ता जी लड्डू फैक्ट्री का निरीक्षण किया। यहां अन्य प्रतिष्ठानों की तुलना में स्थिति बेहतर बताई गई, लेकिन स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह संतोषजनक नहीं थी। अधिकारियों ने फैक्ट्री संचालक को तत्काल सफाई व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए। जांच के समय लगभग डेढ़ क्विंटल लड्डू तैयार रखे थे, जिन्हें नष्ट कराने के निर्देश दिए जाने की जानकारी है।
खाद्य सुरक्षा की निगरानी पर उठे सवाल
त्योहार के दौरान मिठाइयों और डेयरी उत्पादों की मांग बढ़ने से इनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण हो जाता है। दूषित दूध और अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार खाद्य पदार्थ लोगों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। रायपुर से टीम पहुंचने के बाद सामने आई खामियों ने स्थानीय स्तर पर नियमित निरीक्षण और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल विभाग ने नमूने जांच के लिए भेजे हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मानकों के उल्लंघन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
