छत्तीसगढ़

कभी AK-47 की गूंज, आज कीबोर्ड की टक-टक! अबूझमाड़ में जंगल के अंदर छुपी थी एक ‘अलग दुनिया’

Bastar News: छत्तीसगढ़ का अबूझमाड़, जो कभी नक्सलियों की राजधानी माना जाता था, अब तेजी से बदल रहा है. जहां पहले हथियार बनते थे, वहां अब सुरक्षाबलों के कैंप और विकास कार्य शुरू हो चुके हैं. नक्सलियों के कब्जे से मुक्त होने के बाद यहां के युवाओं और खासकर लड़कियों को स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग दी जा रही है. अब वे ड्राइविंग से लेकर टेक्नोलॉजी तक सीखकर अपनी नई पहचान बना रही हैं. जानिए अबूझमाड़ के डर से विकास तक के इस हैरान कर देने वाले बदलाव की पूरी कहानी.